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आंखों में दिखने वाले ये 5 इंफेकà¥à¤¶à¤¨ जिनका पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ हो सकता है काफी खतरनाक, à¤à¤•à¥à¤¸à¤ªà¤°à¥à¤Ÿ से जानिठइनके कारण
अगर आपकी आंखों में दरà¥à¤¦ हो रहा है तो कà¥à¤°à¥€à¤® या इलाज जलà¥à¤¦ से जलà¥à¤¦ शà¥à¤°à¥‚ करवाà¤à¤‚। अगर इनसे à¤à¥€ मदद नहीं मिलती है तो डॉकà¥à¤Ÿà¤° के पास जा कर आई à¤à¤—à¥à¤œà¤¾à¤®à¤¿à¤¨ करवाà¤à¤‚ और इलाज शà¥à¤°à¥‚ करवा दें।
आंखों की बीमारी के कारण मृतà¥à¤¯à¥ होने की काफी कम संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤à¤‚ हैं। फिर à¤à¥€ कà¥à¤› आंखों से जà¥à¤¡à¤¼à¥‡ इंफेकà¥à¤¶à¤¨ à¤à¤¸à¥‡ होते हैं जो काफी गंà¤à¥€à¤° हो सकते हैं और जिनके कारण आंखों की रोशनी हमेशा के लिठजा सकती है। जब आंखों में बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾, वायरस या फंगी के कारण इंफेकà¥à¤¶à¤¨ हो तो पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¥€ इलाज लेना काफी आवशà¥à¤¯à¤• हो सकता है। निमà¥à¤¨ 5 à¤à¤¸à¥€ बीमारियां हैं जो आंखों के लिठकाफी खतरनाक हो सकती हैं। ये जानकारी हम आप तक डॉ पूजा अंगादी (वरिषà¥à¤ नेतà¥à¤° रोग विशेषजà¥à¤ž, शारà¥à¤ª साईट आई हॉसà¥à¤ªà¤¿à¤Ÿà¤²à¥à¤¸) के माधà¥à¤¯à¤® से पहà¥à¤‚चा रहे हैं।
1. कंजकà¥à¤Ÿà¤¿à¤µà¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸
यह बीमारी काफी आम है और इसका संकà¥à¤°à¤®à¤£ तेजी से फैलता है। यह बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में खासकर डे केयर सेंटर, सà¥à¤•ूल की कà¥à¤²à¤¾à¤¸ और à¤à¤¸à¥‡ ही वातावरण में फैलती है। इन संसà¥à¤¥à¤¾à¤“ं में काम करने वाली टीचर और अनà¥à¤¯ सà¥à¤Ÿà¤¾à¤« à¤à¥€ इस सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ के रिसà¥à¤• में रहते हैं। यह इंफेकà¥à¤¶à¤¨ आमतौर पर बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ या वायरल ओरिजिन के दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ फैलता है। अगर मां को सेकà¥à¤¸à¥à¤…ल टà¥à¤°à¤¾à¤‚समिटेड डिजीज हो तो शिशॠको à¤à¥€ यह बीमारी होने का खतरा हो सकता है।
2. फंगल केराटिसिस
इस बीमारी की पहचान 2006 में पूरे विशà¥à¤µ में हो गई थी जब कॉनà¥à¤Ÿà¥ˆà¤•à¥à¤Ÿ लेंस पहनने वाले लोगों में यह अधिक फैल रही थी और अब वह कॉनà¥à¤Ÿà¥ˆà¤•à¥à¤Ÿ लेंस सोलà¥à¤¯à¥‚शन बाजार से हटा दिया गया है। यह फंगल इंफेकà¥à¤¶à¤¨ फà¥à¤¸à¤°à¤¿à¤¸à¥à¤® फंगी के कारण फैलता है। इस तरह की फंगी ऑरà¥à¤—ेनिक मैटर में पाई जाती है।
3. अकंथमोबा केराटिसिस
यह आंखों से जà¥à¤¡à¤¼à¥€ à¤à¤• काफी खतरनाक इंफेकà¥à¤¶à¤¨ है जिसके कारण अंधापन à¤à¥€ देखने को मिल सकता है। यह इंफेकà¥à¤¶à¤¨ à¤à¤• माइकà¥à¤°à¥‹à¤¸à¤¿à¤ªà¤¿à¤• और फà¥à¤°à¥€ लिविंग अमीबा दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ फैलती है। इस अमीबा को अकंथामोबा कहा जाता है। कॉनà¥à¤Ÿà¥ˆà¤•à¥à¤Ÿ लेंस पहनने वाले लोगों को à¤à¤¸à¥‡ पैरासाइट से फैलने वाली बीमारियों का रिसà¥à¤• अधिक होता है। इससे खतरनाक इंफेकà¥à¤¶à¤¨ फैलने का रिसà¥à¤• रहता है। इसलिठही कॉनà¥à¤Ÿà¥ˆà¤•à¥à¤Ÿ लेंस पहनने वाले लोगों को सेफà¥à¤Ÿà¥€ टिपà¥à¤¸ का पालन करना चाहिà¤à¥¤ कॉनà¥à¤Ÿà¥ˆà¤•à¥à¤Ÿ लेंस पहनने के साथ साथ सà¥à¤µà¤¿à¤®à¤¿à¤‚ग नहीं करनी चाहिà¤à¥¤ अगर आप सà¥à¤µà¤¿à¤®à¤¿à¤‚ग करते समय या बाथ टब में रिलैकà¥à¤¸ करते समय लेंस पहनते à¤à¥€ हैं तो इनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ उतार कर डिस इनफेकà¥à¤Ÿ कर लें।
4. टà¥à¤°à¥‡à¤•ोमा
विशà¥à¤µ के कई हिसà¥à¤¸à¥‹à¤‚ में अंधेपन का कारण यही बीमारी है। यह मकà¥à¤–ियों दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ पà¥à¤°à¤¦à¥‚षित वातावरण में फैलती है और इससे री इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨ का खतरा होता है। यह आंतरिक आईलिड को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करती है और यह आईलिड में सà¥à¤•ार उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ कर सकती है। इससे कॉरà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ का टिशà¥à¤¯à¥‚ नषà¥à¤Ÿ हो जाता है। अचà¥à¤›à¥‡ हाइजीन और उपचार जैसे ओरल à¤à¤‚टी बायोटिकà¥à¤¸ के दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ इसे ठीक किया जा सकता है।
5. à¤à¤‚डोपà¥à¤¥à¤²à¤®à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸
बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ से उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ होने वाला यह इंफेकà¥à¤¶à¤¨ à¤à¤• गंà¤à¥€à¤° बीमारी है। इसका सबसे मà¥à¤–à¥à¤¯ कारण है आंख की इंजरी होना। अगर आई सरà¥à¤œà¤°à¥€ जैसे कैटरेकà¥à¤Ÿ सरà¥à¤œà¤°à¥€ करवाई है तो यह इंफेकà¥à¤¶à¤¨ à¤à¤• साइड इफेकà¥à¤Ÿ के रूप में देखने को मिल सकता है।
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